किशनगंज टाउन थानाध्यक्ष अश्विनी कुमार की ग्रामीणों ने की पीट -पीट कर हत्या ,छापेमारी में गए थे पांजी पाड़ा ।


 

    - छापेमारी दल में शामिल इंस्पेक्टर मनीष कुमार व पुलिस बल अश्विनी को  छोड़ घटनास्थल से हुआ फरार।
     - बाइक चोर गिरोह के सदस्य की गिरफ्तारी के लिए पांजी पाड़ा थाना के पनता पाड़ा गए थे अश्विनी।
     - 94 बैच के अधिकारी अश्विनी ,मूल रूप से पूर्णिया जिले के जानकीनगर के थे निवासी।

रिपोर्ट - पंकज भारतीय 

पूर्णिया / किशनगंज टाउन थाना के थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर अश्विनी कुमार की ग्रामीणों द्वारा पीट -पीट कर हत्या शनिवार के अहले सुबह लगभग 02 बजे पश्चिम बंगाल के पांजी पाड़ा थाना के पनता पाड़ा गांव में कर दी गई है।घटना तब हुई जब अश्विनी दल -बल के साथ बाइक चोर गिरोह के उद्भेदन के लिए गए थे।साथ मे किशनगंज सर्किल इंस्पेक्टर मनीष कुमार भी थे ।लेकिन , ग्रामीणों के हमले के बाद साथ के सभी पुलिस कर्मी जान बचाकर भाग खड़ा हुआ। इस प्रकरण में बंगाल पुलिस की भूमिका भी सवालों के घेरे में है।अश्विनी की हत्या के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए बंगाल के इस्लामपुर सदर अस्पताल ले जाया गया ।वहां ,मौजूद पूर्णिया रेंज के आईजी सुरेश कुमार चौधरी ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।
मिली जानकारी अनुसार एक दिन पहले बाइक चोर गिरोह के सरगना किशनगंज थाना क्षेत्र के छगलिया निवासी मो जाकिर की गिरफ्तारी हुई थी।पूछताछ में उसने अपने ससुराल पांजी पाड़ा के पनता पाड़ा के बाबत अहम सुराग दिया था।मो जाकिर का ससुर मो इसराइल भी बाइक चोर गिरोह का संचालन करता है।अश्विनी मो जाकिर को लेकर उसके ससुराल पहुंचे थे।जहां  ग्रामीणों से कहा -सुनी के बाद , ग्रामीण उग्र हो गए और पुलिस पर हमला बोल दिया।चर्चा अनुसार , अगर अश्विनी के साथ गया पुलिस दल भाग खड़ा नही होता तो अश्विनी की जान बच सकती थी।वहीं ,यह भी चर्चा है कि पांजी पाड़ा पुलिस ने भी किशनगंज पुलिस को सहयोग नही किया ,इसलिए अश्विनी की हत्या हुई।भीड़ ने गिरफ्तार मो जाकिर को भी छुड़ा लिया।
        घटना की सूचना के बाद पुलिस महकमे में खलबली मची हुई है।शव को पोस्टमार्टम के लिए बंगाल के इस्लामपुर सदर अस्पताल ले जाया गया है ,जहां समाचार प्रेषण तक औपचारिकता पूरी नही हुई थी।अस्पताल में मौजूद पूर्णिया रेंज के आईजी सुरेश कुमार चौधरी ने बताया कि पूछताछ के लिए दो लोगों को हिरासत में लिया गया है।दोषियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।गौरतलब है कि अश्विनी 1994 बैच के सब इंस्पेक्टर थे ।वे मूल रूप से  पूर्णिया जिला के जानकीनगर थाना क्षेत्र के पांचू मंडल टोला के निवासी थे।वे अपने पीछे पत्नी के अलावा दो बेटियां और एक बेटा छोड़ गए हैं।घटना के बाद पैतृक गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है।





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