चिराग पासवान ने किया शराबबंदी कानून की एससी /एसटी एक्ट से तुलना , कहा कानून थोपा नही जाना चाहिए ।


 

रिपोर्ट - पारस सोना 

पूर्णिया / कोई भी कानून बनाने से पहले उसपर चर्चा होनी चाहिए ,आम सहमति बननी चाहिए, अन्यथा उसका विफल होना तय है।शराबबंदी कानून इसका उदाहरण है ।यह कानून लागू तो नही हो पाया ,उल्टे होम डिलीवरी हो रही है और नए -नए तस्कर पैदा हो गए हैं ।एससी/एसटी अत्याचार निरोधक अधिनियम तो 1989 में ही बना , बावजूद एस सी /एसटी पर अत्याचार क्यों हो रहे हैं ?इसकी वजह यह है कि इस कानून को लाने से पहले लोगों के बीच कानून को लेकर जागरूकता नही फैलाई गई ।जब कानून को ऊपर से थोपा जाएगा तो उसका यही हाल होगा ।उक्त बातें लोक जन शक्ति पार्टी के अपदस्थ अध्यक्ष और नए गुट के नेता चिराग पासवान ने शनिवार को आशीर्वाद यात्रा के दूसरे चरण में शनिवार को पूर्णिया पहुँचने के बाद आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा । इस दौरान रोड शो में उमड़ी भीड़ से खुश नजर आ रहे चिराग ने भीड़ को जनसैलाब और अभूतपूर्व बताया। उन्होंने दावा किया कि आने वाले दिनों में लोजपा सूबे की सबसे बड़ी राजनीतिक ताकत बनकर सामने आएगी।
          चिराग ने सूबे में मध्यावधि चुनाव की भविष्यवाणी करते हुए कहा कि उनकी पार्टी को 06 फीसदी मत मिला और 15 फीसदी मत पाने वाले सूबे के मुख्यमंत्री बने हुए हैं । अगर वे भी सभी सीटों पर चुनाव लड़ते तो 15 फीसदी से अधिक वोट मिलता।कहा कि उनकी कोई निजी महत्वाकांक्षा नही है , अगर नीतीश कुमार की नीतियों का विरोध करने की बजाय उनके सामने नतमस्तक हो जाते तो आज राज्य में उनके दो मंत्री होते और आज वे खुद केंद्र में मंत्री होते ।बिना नाम लिए चाचा केंद्रीय मंत्री पशुपति पारस पर निशाना साधते हुए चिराग ने कहा कि उनके पिता ने वर्ष 2002 में सिद्धांतों के लिए सत्ता को लात मार दिया था और कुछ लोग ऐसे भी हैं जो मंत्री बनने के लिए न केवल पार्टी बल्कि परिवार को भी धोखा देते हैं ।
              श्री पासवान ने सीएम नीतीश कुमार पर राजनीतिक हमला बोलते हुए कहा कि लोगों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना विकास नही होता है ।अगर 15 वर्षों में नीतीश कुमार लोगों को बिजली , पानी और सड़क उपलब्ध नही करा पाए तो यह उनकी नाकामी है। उन्होंने सीएम की सोच को सीमित बताते हुए कहा कि उन्होंने अपने कार्यकाल में दलित-महादलित और पिछड़ा -अतिपिछडा का बँटबारा करने के अलावा कोई काम नही किया।उन्होंने कहा कि वे सीएम नीतीश कुमार के नही बल्कि उनकी नीतियों के विरोधी हैं जिसने बिहार को बर्बाद कर दिया है।इस मौके पर पूर्व विधायक शंकर सिंह , शंकर झा बाबा , सौरभ झा आदि उपस्थित थे।





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