मजदूर का फर्जी खाता खोलकर हुआ 09 करोड़ 99 लाख रुपये का ट्रांजेक्शन ? अधिकारी ने बताया साइबर क्राइम का मामला।


 

रिपोर्ट - पंकज भारतीय 

सुपौल / जिले के किशनपुर प्रखंड के सिसौनी निवासी पेशे से मजदूर विपिन चौहान की उस वक़्त पैरों तले जमीन खिसक गई जब अपने गांव के पास बेलटेढा के एक सीएसपी केंद्र में मंगलवार को लेबर कार्ड बनवाने के लिए खाता खुलवाने गया तो वहां बताया गया कि उसके नाम पर पहले से ही यूनियन बैंक की सुपौल शाखा में बैंक खाता खुला है ,जिसे करोड़ों के ट्रांजेक्शन की वजह से फ्रीज कर दिया गया है, लिहाज़ा उसका दोबारा खाता नही खोला जा सकता है। दरअसल यूनियन बैंक में विपिन के नाम पर अक्टूबर 2016 में खाता खोला गया और फरवरी 2017 तक मे अर्थात 04 माह में ही 09 करोड़ 99 लाख का ट्रांजेक्शन कर दिया गया।
         हैरान और परेशान विपिन जब यूनियन बैंक पहुंचा तो बैंक के अधिकारियों ने उसके खाता होने की पुष्टि की और अगले दिन उसे अपने तमाम डॉक्यूमेंट के साथ बैंक आने को कहा ।सबसे चौकाने वाली बात यह है कि बैंक खाता में विपिन की तस्वीर नही लगी हुई है और हस्ताक्षर भी विपिन की नही है।हालांकि , खाता खोलने में विपिन के आधार कार्ड का ही इस्तेमाल हुआ है।इस बाबत ,विपिन का कहना है कि उसे आधार कार्ड पोस्टऑफिस के जरिये मिला था और जिस लिफाफे में आधार कार्ड आया था वह खुला हुआ था।तब उसने पोस्टऑफिस कर्मी से आपत्ति भी जताया था ,जिसे टाल दिया गया था।
          इस बाबत स्थानीय शाखा प्रबंधक रविशंकर गोलमटोल बताते हैं कि करोड़ों के ट्रांजेक्शन की बात बेबुनियाद है।जो भी जमा राशि है उसकी निकासी पर रोक लगी हुई है।सभी बातें नही बताई जा सकती है ,क्योंकि विषय जांच से जुड़ा है ।जबकि मामले की जांच करने के लिए जोनल कार्यालय ,रांची से पहुंचे मुख्य प्रबंधक संतोष कुमार खां मानते हैं कि प्रथम दृष्टया यह साइबर क्राइम से जुड़ा मामला प्रतीत होता है।फरवरी 2017 में ही साइबर क्राइम डिपार्टमेंट द्वारा खाते को सील कर दिया गया है।इस खाते से बड़ी राशि का ट्रांजेक्शन हुआ है । अन्य तथ्यों का खुलासा विस्तृत जांच के बाद ही हो पाएगा।

 





Related Post