शहीद पुलिस इंस्पेक्टर अश्विनी कुमार के आश्रित को उनकी सेवानिवृत्ति की अवधि तक मिलेगा पूर्ण वेतन ।


 


रिपोर्ट   -पंकज भारतीय


पूर्णिया /किशनगंज टाउन थाना के थानाध्यक्ष रहे इंस्पेक्टर अश्विनी कुमार की 10 अप्रैल 2021 को अहले सुबह पश्चिम बंगाल के पांजीपडा ओपी के पनतापाड़ा गांव में उस वक्त पीट-पीट कर हत्या कर दी गई थी जब वे अपने सहयोगियों के साथ बाइक चोर गिरोह के सरगना किशनगंज थाना क्षेत्र के छगलिया निवासी मो जाकिर को गिरफ्तार करने उंसके ससुराल गए थे।इस हादसे के बाद पुत्र-वियोग में अगले दिन ही उनकी माँ उर्मिला देवी ने भी दम तोड़ दिया था और माँ-बेटे की अर्थी एक साथ उठी थी।तब छापेमारी दल में शामिल रहे सर्किल इंस्पेक्टर मनीष कुमार और बंगाल पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठे थे ।बाद में कर्तव्यहीनता के आरोप में इंस्पेक्टर मनीष और छापेमारी दल के अन्य सदस्यों को निलंबित कर दिया गया था।यह मामला इसलिए भी सुर्खियों में रहा था कि तब पीएम नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल चुनाव के दौरान वर्धमान की चुनावी सभा को संबोधित करते हुए अश्विनी कुमार की शहादत को नमन किया था और राज्य की कानून -व्यवस्था पर सवाल उठाए थे। अब राज्य सरकार ने शहीद अश्विनी की आश्रित पत्नी को अश्विनी के नौकरी काल का पूर्ण वेतन देने का निर्णय लिया है।
             किशनगंज पुलिस अधीक्षक कुमार आशीष ने बताया कि शहीद अश्विनी की आश्रित पत्नी को स्व0 अश्विनी कुमार जिनकी सेवानिवृत्ति की तिथि दि0-28 फरवरी 2031  है, तक पूर्ण वेतन दिया जाएगा। इस बाबत एसपी द्वारा लगातार  पुलिस मुख्यालय से अनुरोध किया गया। इसके फलस्वरूप अब उनके आश्रित ( पत्नी ) को दिवंगत के सेवानिवृत्ति की अवधि तक प्रतिमाह पूर्ण वेतन स्वीकृत किया गया है। इसके अतिरिक्त पु0नि0 स्व0 अश्विनी कुमार की मृत्यु उपरान्त उनके आश्रित को अन्य सभी सेवान्त और अन्य वित्तीय लाभ पूर्व में ही प्रदान किया जा चुका है। 
                 उल्लेखनीय है कि इस कांड में सभी नामजद आरोपियों पर चार्जशीट जुलाई महीने में ही दाखिल किया जा चुका है।एसपी कुमार आशीष  ने इस नृशंस हत्या कांड की सुनवाई शीघ्र पूर्ण कर इंसाफ दिलाने के लिए इस मामले में स्पीडी ट्रायल चलवाने का अनुरोध  न्यायालय से किया है। उम्मीद है कि जल्दी ही न्यायिक प्रक्रिया पूर्ण कर दोषियों को कड़ी सजा सुनाई जाएगी।





Related Post